कुछ ना कहते हुए भी ज़िन्दगी बहुत कुछ कह जाती है।
हर अरमान को पल भर मे पूरा कर जाती है।
हर सपने को एक लौ देती है,
पर सपने को पल भर मे तोड़ भी देती है।
दिशाए देकर भी दिशा हीन कर जाती है।
कुछ न कहते हुए भी ज़िन्दगी बहुत कुछ कह जाती है।
पल भर मे शरारत करती है,
पल भर मे शिकायत करती है।
इस रंगीन सी दुनिया मे सबको बाँध कर रखती है।
कभी अपनों को मिलाती है,
तो कभी मिला कर भी बेगाना कर जाती है।
कुछ ना कहते हुए भी ज़िन्दगी बहुत कुछ कह जाती है.
Sunday, June 19, 2011
एक बे-वफ़ा की नजरो में
वफ़ा तलाश रहे थे हम।
थी ख्वाइश की उन्हें अपना बना कर रखे,
पर सिर्फ तमन्नाओ में जी रहे थे हम।
कुछ खबर थी, और कुछ थे बे-खबर,
पर सबकी बातो पर थी हमारी नज़र।
जान के भी अनजान बन रहे थे हम।
वो दूर से इशारा कर रहे थे,
और हम पास आने का बहाना कर रहे थे।
सूनेपन के एहसास को शायद भर रहे थे हम।
एक बेवफा की नजरो में वफ़ा तलाश रहे थे हम.
वफ़ा तलाश रहे थे हम।
थी ख्वाइश की उन्हें अपना बना कर रखे,
पर सिर्फ तमन्नाओ में जी रहे थे हम।
कुछ खबर थी, और कुछ थे बे-खबर,
पर सबकी बातो पर थी हमारी नज़र।
जान के भी अनजान बन रहे थे हम।
वो दूर से इशारा कर रहे थे,
और हम पास आने का बहाना कर रहे थे।
सूनेपन के एहसास को शायद भर रहे थे हम।
एक बेवफा की नजरो में वफ़ा तलाश रहे थे हम.
ज़िन्दगी तुम बिन अधूरी सी लगती है।
दूर जाना तुमसे, मजबूरी सी लगती है।
यादो मे ना जाने कब तुम आते हो,
और पूरे मन पर छा जाते हो।
है एहसास कही ये मेरे मन में,
कि हर ख्वाइश अब पूरी सी लगती है।
ज़िन्दगी तुम बिन अधूरी सी लगती है।
वो तुम्हारा मुस्कुराना, और मेरा लौट के आना।
वो तुम्हारी बातें, जो बना देती दीवाना।
यादो कि वो खुशबू अब भीनी सी लगती है।
ज़िन्दगी अब तुम बिन अधूरी सी लगती है.
दूर जाना तुमसे, मजबूरी सी लगती है।
यादो मे ना जाने कब तुम आते हो,
और पूरे मन पर छा जाते हो।
है एहसास कही ये मेरे मन में,
कि हर ख्वाइश अब पूरी सी लगती है।
ज़िन्दगी तुम बिन अधूरी सी लगती है।
वो तुम्हारा मुस्कुराना, और मेरा लौट के आना।
वो तुम्हारी बातें, जो बना देती दीवाना।
यादो कि वो खुशबू अब भीनी सी लगती है।
ज़िन्दगी अब तुम बिन अधूरी सी लगती है.
Subscribe to:
Posts (Atom)