दो पल कभी आँखे मीच कर बैठ जाती हूँ।
तेरे एहसास के आगोश मे सिमट जाती हूँ।
गर अचानक छू जाये यादें तेरी,
तुझे पाने के एहसास से मे सिहर जाती हूँ।
एक खुशबू की तरह, तेज़ बिजली की तरह,
हर पल तेरे प्यार को महसूस किये जाती हूँ।
तुझे एहसास शायद होगा या न होगा।
मै अक्सर तन्हाइयो में तुझे करीब पाती हूँ।
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